- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- गांवों को आत्मनिर्भर...
दिल्ली-एनसीआर
गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी केंद्र की नई योजना से मिलेगा रोजगार
nidhi
26 Aug 2026 7:13 AM IST

x
गांवों में रोजगार की नई शुरुआत केंद्र ने लॉन्च
नई दिल्ली: ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘मिशन समृद्ध गांव’ योजना की शुरुआत की है। इस मिशन का लक्ष्य ऐसे गांवों का मॉडल तैयार करना है, जहां हर परिवार को रोजगार या आजीविका का अवसर मिले और लोगों को मजबूरी में शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
सरकार का उद्देश्य गांवों को गरीबी मुक्त, रोजगारयुक्त और बेहतर सुविधाओं से संपन्न बनाना है। इसके तहत गांवों में कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को एक साथ जोड़कर विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
‘मिशन समृद्ध गांव’ के तहत सबसे पहले मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक को पायलट मॉडल के रूप में चुना गया है। इन क्षेत्रों में परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर तक विकास की योजना तैयार की जाएगी। सफल होने पर इस मॉडल को देश के अन्य गांवों में भी लागू करने की योजना है। सरकार प्रत्येक परिवार की जरूरत और पात्रता के आधार पर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं से जोड़ेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक मजबूती के नए अवसर मिल सकेंगे।
खेती से बढ़ेगी ग्रामीण आय
मिशन के तहत किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल-सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों से जोड़ने की योजना है। सरकार का मानना है कि गांवों में आय के कई स्रोत विकसित होने से किसानों और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम किया जा सकेगा।
हर परिवार तक पहुंचेगी सरकारी योजना
केंद्र सरकार का कहना है कि मिशन समृद्ध गांव केवल एक योजना नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का एक नया मॉडल है। इसमें अलग-अलग विभागों की योजनाओं को एक साथ जोड़कर गांवों का समग्र विकास किया जाएगा। इसके तहत रोजगार के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, डिजिटल सुविधाओं और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। लक्ष्य है कि गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
गरीबी खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तो गरीबी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मिशन समृद्ध गांव के जरिए ऐसे गांव तैयार किए जाएंगे, जहां रोजगार और विकास दोनों के अवसर उपलब्ध हों। सरकार का दावा है कि यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में मिशन के तहत तैयार किए गए मॉडल गांव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं।
Next Story





